
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति Sheikh Mohamed bin Zayed Al Nahyan ने सोमवार को भारत की ऐसी संक्षिप्त यात्रा की, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, UAE राष्ट्रपति सिर्फ 1 घंटा 45 मिनट के लिए भारत आए—जो किसी बड़े राष्ट्राध्यक्ष की अब तक की सबसे छोटी लेकिन सबसे चर्चित यात्राओं में गिनी जा रही है।
इस बेहद कम समय में भी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। यह यात्रा पीएम मोदी के विशेष निमंत्रण पर हुई थी।
Formalities नहीं, Friendship First
डिप्लोमेसी आमतौर पर लंबी बैठकों और औपचारिक कार्यक्रमों से भरी होती है, लेकिन यह यात्रा उस पुराने फार्मूले से बिल्कुल अलग रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा इस बात का संकेत है कि India–UAE relationship अब calendar नहीं, confidence से चलती है।
कम समय में संवाद को प्राथमिकता देना दिखाता है कि दोनों नेताओं के बीच trust level बेहद ऊंचा है।
Global Politics में उथल-पुथल का दौर
UAE राष्ट्रपति का यह फ्लैश विज़िट ऐसे समय में हुआ है जब—
- अमेरिका के चीन और रूस से रिश्ते तनावपूर्ण हैं
- ईरान में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं
- खाड़ी क्षेत्र में UAE और Saudi Arabia के बीच भी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा की खबरें हैं
ऐसे माहौल में भारत और UAE के शीर्ष नेतृत्व की मुलाकात को global stability signal के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकार मानते हैं कि इस छोटी बैठक में कही गई बातें आने वाले समय में international platforms पर असर डाल सकती हैं।
Trade ने पार किया Magic Figure
Sheikh Mohamed bin Zayed की यह यात्रा राष्ट्रपति के तौर पर उनकी तीसरी, और पिछले 10 वर्षों में पांचवीं भारत यात्रा है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक FY 2024-25 में India–UAE trade 100 billion dollars के पार पहुंच गया। यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 20% की ग्रोथ है।

UAE अब भारत के सबसे भरोसेमंद और मजबूत व्यापारिक साझेदारों में शामिल हो चुका है।
रिश्ता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं
India–UAE संबंध अब केवल economy तक सीमित नहीं हैं। 2019 में UAE ने पीएम मोदी को अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘Order of Zayed’ देकर इस रिश्ते की गहराई दुनिया को दिखाई थी।
आज दोनों देश:
- Infrastructure
- Energy
- Defence
- Strategic Cooperation
जैसे क्षेत्रों में कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं।
यह डेढ़ घंटे की यात्रा साबित करती है कि जब रिश्ते मजबूत हों, तो टाइमटेबल छोटा भी काफी होता है।
UAE राष्ट्रपति का यह दौरा साफ संदेश देता है— भारत अब अरब दुनिया का सिर्फ पार्टनर नहीं, priority friend बन चुका है।
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